Azad India Mobility का शेयर विभाजन 23 अक्टूबर 2026 से लागू होना तय है। मंजूर शर्तों के अनुसार ₹10 अंकित मूल्य वाला प्रत्येक पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर ₹2 अंकित मूल्य के पाँच पूर्ण चुकता शेयरों में बँटेगा। पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए कंपनी ने 23 अक्टूबर को ही रिकॉर्ड डेट रखी है।
BSE को दी गई 6 अक्टूबर की कंपनी सूचना बताती है कि 28 सितंबर को हुई 65वीं सालाना आम बैठक में शेयरधारकों ने यह मंजूरी दी थी। NSE ने 14 अक्टूबर को बदलाव लागू करने का परिपत्र जारी किया। इसलिए यह आगामी कार्रवाई की जानकारी है, 20 अक्टूबर की नई घोषणा नहीं।
शर्तें और तारीखें एक नजर में
| विषय | सत्यापित जानकारी | आधिकारिक साक्ष्य |
|---|---|---|
| कंपनी और पहचान | Azad India Mobility Limited; NSE: AZADIND; BSE कोड: 504731 | कंपनी की सूचना |
| कार्रवाई और प्रति शेयर आधार | ₹10 का एक पूर्ण चुकता शेयर, ₹2 के पाँच पूर्ण चुकता शेयरों में बँटेगा | शेयर विभाजन की शर्तें |
| मंजूरी की स्थिति | 28 सितंबर 2026 की 65वीं सालाना आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी | कंपनी की सूचना |
| रिकॉर्ड डेट और पात्रता | 23 अक्टूबर 2026; विभाजन के हकदार शेयरधारकों की पहचान की तारीख | रिकॉर्ड डेट की सूचना |
| एक्स-डेट | 23 अक्टूबर 2026 | NSE कॉरपोरेट कार्रवाई आँकड़े |
| एक्सचेंज पर लागू होने की तारीख | 23 अक्टूबर 2026; संबंधित परिपत्र 14 अक्टूबर को जारी हुआ | NSE/CML/76894 |
| शेयरों के अधिकार | कंपनी के अनुसार विभाजित शेयर सभी मामलों में समान अधिकार रखेंगे | शेयर विभाजन की शर्तें |
| नकद भुगतान / शेयर जमा होने की तारीख | इस विभाजन से नकद भुगतान नहीं होता; जाँचे गए दस्तावेजों में शेयर जमा होने की तारीख नहीं दी गई है | जाँची गई कंपनी सूचना |
पाँच शेयरों का हिसाब क्या है?
गुणक ₹10 ÷ ₹2 = 5 है। उदाहरण के लिए, कार्रवाई लागू होने पर 100 पुराने शेयरों की जगह 500 विभाजित शेयर होंगे। कुल अंकित मूल्य पहले और बाद में ₹1,000 रहेगा: 100 × ₹10 और 500 × ₹2। अंकित मूल्य नाममात्र का लेखांकन मूल्य है, बाजार में शेयर का भाव नहीं।
SEBI की निवेशक शिक्षा सामग्री के पृष्ठ 7 और 11 के अनुसार विभाजन में पहले से मौजूद शेयर बँटते हैं और उनका अंकित मूल्य उसी अनुपात में घटता है। यह बोनस शेयर जारी करने से अलग है। शेयरों की संख्या बढ़ने का मतलब अपने-आप निवेश का मूल्य बढ़ना नहीं है; यह नकद लाभांश भी नहीं है।
किन बातों की पुष्टि बाकी है?
NSE का परिपत्र तय करता है कि एक्सचेंज पर अंकित मूल्य का बदलाव किस दिन से लागू होना है। यह किसी शेयरधारक के खाते में शेयर जमा हो जाने का प्रमाण नहीं है। इस रिपोर्ट में शेयर जमा होने की तारीख, किसी विशेष सौदे के लिए खरीद की अंतिम समय-सीमा, कर का असर या भविष्य के बाजार भाव की पुष्टि नहीं की गई है। इन बातों को रिकॉर्ड डेट और एक्स-डेट से अलग रखें।
स्रोत जाँच का समय (UTC): कंपनी की सूचना ; NSE परिपत्र ; NSE के आँकड़े ; SEBI की शिक्षा सामग्री . ये समय स्रोत जाँच के हैं; ये शेयर विभाजन पूरा होने की पुष्टि नहीं हैं।

