Kalpataru Projects International (KPIL) ने Q2 FY27 में ₹7,004 करोड़ का समेकित राजस्व और ₹292 करोड़ का कर बाद लाभ बताया। कंपनी के अनुसार 30 सितंबर 2026 तक उसकी ऑर्डर बुक ₹71,846 करोड़ थी; करीब ₹5,000 करोड़ की L1 परियोजनाएं इस सुरक्षित ऑर्डर-आंकड़े में शामिल नहीं हैं।
कंपनी ने बताया कि तिमाही राजस्व साल-दर-साल 7% बढ़ा। कर-पूर्व लाभ 24% बढ़कर ₹398 करोड़ और कर बाद लाभ 23% बढ़ा।
FY27 की पहली छमाही में KPIL ने ₹13,412 करोड़ राजस्व और ₹603 करोड़ कर बाद लाभ बताया। FY27 में अब तक ऑर्डर इनफ्लो ₹23,934 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 60% अधिक बताया गया है।
रिपोर्ट किए गए आंकड़े
| मद | रिपोर्ट की गई राशि / बदलाव | अवधि या शर्त |
|---|---|---|
| समेकित राजस्व | ₹7,004 करोड़; 7% YoY वृद्धि | Q2 FY27 |
| कर-पूर्व लाभ | ₹398 करोड़; 24% YoY वृद्धि | Q2 FY27 |
| कर बाद लाभ | ₹292 करोड़; 23% YoY वृद्धि | Q2 FY27 |
| राजस्व | ₹13,412 करोड़; 6% YoY वृद्धि | H1 FY27 |
| कर बाद लाभ | ₹603 करोड़; 34% YoY वृद्धि | H1 FY27 |
| ऑर्डर इनफ्लो | ₹23,934 करोड़; 60% YoY वृद्धि | FY27 में अब तक |
| ऑर्डर बुक | ₹71,846 करोड़ | 30 सितंबर 2026 तक |
| शुद्ध कर्ज | ₹72 करोड़ | एक साल पहले ₹3,169 करोड़ के मुकाबले |
ऑर्डर बुक में क्या शामिल है — और क्या नहीं
KPIL ने कहा कि वह करीब ₹5,000 करोड़ की परियोजनाओं के लिए L1 बोलीदाता के रूप में अनुकूल स्थिति में है। L1 का सामान्य अर्थ निविदा प्रक्रिया में सबसे कम बोली लगाने वाला होना है; यह सुरक्षित ऑर्डर के समान नहीं है। कंपनी ने कहा कि ये परियोजनाएं ₹71,846 करोड़ की ऑर्डर बुक में शामिल नहीं हैं।
फाइलिंग कंपनी के दर्ज आंकड़े बताती है। इससे राजस्व या लाभ में बदलाव का कारण, L1 परियोजनाओं के मिलने का समय, या ऑर्डर बुक से भविष्य के राजस्व का निष्कर्ष नहीं निकलता।
स्रोत: KPIL की 5 नवंबर 2026 की NSE फाइलिंग, जांच समय: 6 नवंबर 2026, 09:25 IST। वित्तीय नतीजे और परिचालन आंकड़े कंपनी द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं।

